CBSE बोर्ड परीक्षा से पहले LOC में एक गलती पड़ सकती है भारी, जानिए कैसे सुधार का मिल रहा आखिरी मौका
CBSE बोर्ड परीक्षा से पहले LOC में एक गलती पड़ सकती है भारी, जानिए कैसे सुधार का मिल रहा आखिरी मौका सीबीएसई 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों व अभिभावकों के लिए परीक्षा से पहले LOC जांचना जरूरी. रिपोर…

सौजन्य से:- ETV Bharat
CBSE बोर्ड परीक्षा से पहले LOC में एक गलती पड़ सकती है भारी, जानिए कैसे सुधार का मिल रहा आखिरी मौका
सीबीएसई 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों व अभिभावकों के लिए परीक्षा से पहले LOC जांचना जरूरी. रिपोर्ट-कृष्ण नंदन
Published : October 1, 2026 at 8:04 AM IST
पटना: सीबीएसई 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है. बोर्ड परीक्षा से पहले स्कूलों की ओर से छात्रों की लिस्ट ऑफ कैंडिडेट यानी एलओसी तैयार कर सीबीएसई को भेजी जाती है. यही वह सूची है, जिसमें छात्र का नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, विषय समेत कई महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज होती हैं.
आगे चलकर हो सकती है परेशानी
ऐसे में एलओसी यानी लिस्ट ऑफ कैंडिडेट में दर्ज किसी जानकारी में गलती रह गई तो आगे चलकर छात्र और अभिभावक को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. खासकर एडमिट कार्ड जारी होने के बाद इसमें सुधार कराना आसान नहीं होता. इसलिए सीबीएसई की ओर से एलओसी जारी किए जाने के बाद स्कूल पहुंचकर इसकी हर जानकारी को ध्यान से जांचना जरूरी है.
क्या होती है एलओसी
प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद ने ईटीवी भारत से खास बातचीत में बताया कि कक्षा 9वीं और 11वीं में छात्रों का रजिस्ट्रेशन होने के बाद 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए दोबारा परीक्षा फॉर्म भरा जाता है. इसी प्रक्रिया के तहत छात्रों की लिस्ट ऑफ कैंडिडेट तैयार होती है. इस सूची में छात्र को अपनी महत्वपूर्ण जानकारियों को एक बार फिर जांचने का मौका मिलता है.
"एलओसी में छात्र के नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि, माता-पिता के नाम और विषयों की जानकारी दर्ज होती है. इसलिए अभिभावकों को इसे सिर्फ औपचारिकता नहीं समझना चाहिए. सीबीएसई की ओर से इस वर्ष 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए एलओसी स्कूलों को उपलब्ध करा दी गई है और इसमें सुधार की प्रक्रिया 21 अक्टूबर तक चलने वाली है."- शमायल अहमद, राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन
नाम में गलती है तो अभी कराएं सुधार
अहमद कहते हैं कि एलओसी में छात्र के नाम या माता-पिता के नाम की स्पेलिंग गलत है तो इसे अभी स्कूल के स्तर पर जांचकर ठीक कराने का प्रयास किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अभिभावकों को बच्चे का नाम और माता-पिता के नाम की स्पेलिंग ध्यान से देखनी चाहिए. एक छोटी सी गलती बाद में एडमिट कार्ड और मार्कशीट में भी परेशानी का कारण बन सकती है.
एडमिट कार्ड के बाद सुधार मुश्किल
उन्होंने बताया कि एडमिट कार्ड आने के बाद उसमें सुधार कराना काफी मुश्किल हो जाता है. इसलिए एलओसी को फाइनल एडमिट कार्ड से पहले मिलने वाले महत्वपूर्ण जांच के अवसर के तौर पर देखना चाहिए. अभिभावक स्कूल जाकर एलओसी में दर्ज हर जानकारी को अपने दस्तावेजों से मिलाकर देख सकते हैं.
जन्मतिथि की जांच सबसे जरूरी
अहमद के मुताबिक कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए जन्मतिथि की जांच विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. जन्मतिथि में गलती होने पर आगे छात्र के प्रमाणपत्रों से जुड़े काम में परेशानी हो सकती है. शमायल अहमद के मुताबिक 10वीं के बाद मिलने वाली मार्कशीट और प्रमाणपत्र का महत्व काफी बढ़ जाता है, इसलिए एलओसी में दर्ज जन्मतिथि और अन्य विवरण को अभी ही ठीक करा लेना चाहिए.
"अभिभावकों को बच्चे की जन्मतिथि के साथ नाम, माता-पिता के नाम और अन्य व्यक्तिगत विवरण भी जांचने चाहिए. अगर कोई गलती दिखाई देती है तो स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी देकर समय रहते सुधार की प्रक्रिया पूरी करानी चाहिए."- शमायल अहमद, राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन
12वीं वालों के लिए विषय की जांच बेहद जरूरी
शमायल अहमद ने बताया कि कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए एलओसी में विषयों की जांच और भी महत्वपूर्ण हो जाती है. कई बार छात्र शुरुआत में छह विषय लेकर दाखिला लेते हैं, लेकिन बाद में नीट या जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान किसी अतिरिक्त विषय पर ध्यान नहीं देते. ऐसे में बोर्ड परीक्षा के समय वे उस अतिरिक्त विषय को हटाना चाहते हैं.
छात्र अपने विषयों की जांच कर सकते हैं
शमायल अहमद ने बताया कि एलओसी आने के समय छात्र अपने विषयों की जांच कर सकते हैं और अगर कोई विषय गलत दर्ज है या अतिरिक्त विषय को लेकर बदलाव की जरूरत है तो स्कूल से संपर्क कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि कई बार तकनीकी कारणों से किसी छात्र के विषय संयोजन में जीवविज्ञान और गणित दोनों दर्ज हो जाते हैं. ऐसी स्थिति में छात्र जिस विषय के साथ आगे बढ़ना चाहता है, उसके अनुसार एलओसी में दर्ज विषयों की जांच करना जरूरी है.
फाइन आर्ट और शारीरिक शिक्षा को लेकर भी करें क्रॉस चेक
शमायल अहमद कहते हैं कि अतिरिक्त विषयों को लेकर भी छात्रों के बीच भ्रम की स्थिति बन सकती है. कई बार छात्र किसी दूसरे विषय की पढ़ाई कर रहे होते हैं, लेकिन एलओसी में कोई और अतिरिक्त विषय दर्ज दिखाई देता है. फाइन आर्ट और शारीरिक शिक्षा जैसे विषयों को लेकर भी ऐसी स्थिति सामने आ सकती है. इसलिए 12वीं के छात्रों और उनके अभिभावकों को एलओसी में विषयों की पूरी सूची स्कूल से मिलकर जांचनी चाहिए.
"एलओसी में दर्ज विषयों को हल्के में नहीं लेना चाहिए.अगर कोई विषय परीक्षा के लिए दर्ज है तो बाद में परीक्षा के समय उस विषय से संबंधित नियमों के कारण छात्र को परेशानी हो सकती है. यानी अगर एडमिट कार्ड में जो विषय का नाम आ गया है उसमें पास करना अनिवार्य हो जाता है. इसलिए बोर्ड परीक्षा से पहले इसी स्तर पर स्थिति स्पष्ट कर लेना बेहतर है."-शमायल अहमद, राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन
क्यों जरूरी है एलओसी जांचना
पटना की रहने वाली 10वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे एक छात्र की मां सोनी कुमारी के सामने भी एलओसी जांच के दौरान ऐसी ही स्थिति आई. उन्होंने बताया कि स्कूल की ओर से उन्हें फोन कर एलओसी देखने के लिए बुलाया गया था. स्कूल पहुंचकर जब उन्होंने बच्चे की जानकारी जांची तो पता चला कि माता के नाम में ‘सोनी कुमारी’ की जगह ‘सोनी देवी’ दर्ज था. उन्होंने स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद इसे ठीक कराया गया.
अभिभावकों की सतर्कता जरूरी
सोनी कुमारी ने बताया कि स्कूल में कुछ अन्य अभिभावकों ने भी विषयों को लेकर ऐसी गलती की जानकारी दी. कुछ छात्रों ने संस्कृत पढ़ी थी, लेकिन एलओसी में उनके विषय के तौर पर हिंदी दर्ज थी. स्कूल प्रबंधन ने इस मामले को संज्ञान में लेकर सुधार कराया. हालांकि कुछ अभिभावक अपनी व्यस्तता के कारण स्कूल नहीं पहुंच पाए थे.
"अगर स्कूल की ओर से एलओसी जांचने के लिए बुलाया जा रहा है तो अभिभावकों को समय निकालकर जरूर जाना चाहिए. बच्चे के नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि और विषय समेत सभी जानकारी को दस्तावेजों से मिलाकर देखना चाहिए, ताकि आगे चलकर परेशानी का सामना न करना पड़े."- सोनी कुमारी,अभिभावक
21 अक्टूबर तक चल रही प्रक्रिया
इस वर्ष एलओसी की प्रक्रिया 21 अक्टूबर तक चलने वाली है. इसी अवधि में दशहरा की छुट्टियां भी पड़ रही हैं. ऐसे में अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे आखिरी समय का इंतजार न करें. स्कूल की ओर से एलओसी जांचने के लिए बुलाया गया है तो समय निकालकर बच्चे की पूरी जानकारी जांच लें.
औपचारिक प्रक्रिया मानकर छोड़ना गलत
एलओसी को सिर्फ स्कूल की औपचारिक प्रक्रिया मानकर छोड़ देना अभिभावकों के लिए भारी पड़ सकता है. नाम, जन्मतिथि, माता-पिता के नाम या विषय में किसी भी तरह की गड़बड़ी दिखाई दे तो तुरंत स्कूल प्रबंधन के संज्ञान में लाना चाहिए. फाइनल एडमिट कार्ड आने से पहले की गई यह जांच छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि बाद के चरण में सुधार की प्रक्रिया अधिक कठिन हो सकती है.
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