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पहाड़ी परिस्थितियों को देख तय हो स्कूलों का समय, उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने शासन को भेजा प्रस्ताव - uttarakhand school timings teachers propose new schedule

पहाड़ी परिस्थितियों को देख तय हो स्कूलों का समय, उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने शासन को भेजा प्रस्ताव उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए विद्यालयों की समय सारणी में स…

1 अक्टूबर 2026 को 12:02 am बजे
पहाड़ी परिस्थितियों को देख तय हो स्कूलों का समय, उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने शासन को भेजा प्रस्ताव
 - uttarakhand school timings teachers propose new schedule

सौजन्य से:- jagran.com

पहाड़ी परिस्थितियों को देख तय हो स्कूलों का समय, उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने शासन को भेजा प्रस्ताव

उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए विद्यालयों की समय सारणी में संशोधन ...और पढ़ें

HighLights

- उत्तराखंड शिक्षक संघ ने पहाड़ी परिस्थितियों हेतु स्कूल समय बदलने का प्रस्ताव भेजा।

- ग्रीष्मकाल में सुबह 7:30 से 1 बजे तक स्कूल संचालन की मांग की।

- शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक गतिविधियों से अलग रखने और पदोन्नति का प्रावधान।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ प्रांतीय तदर्थ समिति ने प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए विद्यालयों की समय सारणी में संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा है। संघ ने ग्रीष्मकाल में विद्यालयों का संचालन सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर एक बजे तक और शीतकाल में सुबह साढ़े नौ बजे से अपराह्न तीन बजे तक करने की मांग की है।

संघ के अनुसार 24 अप्रैल, 2026 को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के सभागार में शिक्षक संगठनों और विभागीय अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई थी। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ)-2023 के प्रविधानों के अनुरूप विद्यालयों के संचालन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर चर्चा हुई। इसी क्रम में शिक्षक संघ ने अपने प्रस्ताव महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा और निदेशक एससीईआरटी को भेजे हैं।

प्रस्ताव में विषय विशेषज्ञ व विषयगत शिक्षकों की पर्याप्त नियुक्ति, विशेष प्रशिक्षकों की तैनाती तथा विद्यालयों में पर्याप्त भौतिक एवं मानवीय संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। साथ ही शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक गतिविधियों से अलग रखने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों के चिह्नीकरण के बाद पदोन्नति एवं विशेष वेतन वृद्धि का प्रविधान करने की मांग की गई है।

उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ प्रांतीय तदर्थ समिति के सदस्य मनोज तिवारी ने कहा कि संविधान के 42वें संशोधन के बाद शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है। ऐसे में उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विद्यालय संचालन अवधि में आवश्यक बदलाव किया जा सकता है। संघ ने एनईपी और एनसीएफ के अन्य प्रावधानों को भी लागू करने का आग्रह किया है।

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