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मातृभाषा में स्कूली पाठ्यक्रम तैयार करने की दिशा में शिक्षा विभाग ने कदम बढ़ाया - Bhagalpur News

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21 सितंबर 2026 को 01:02 am बजे
मातृभाषा में स्कूली पाठ्यक्रम तैयार करने की दिशा में शिक्षा विभाग ने कदम बढ़ाया - Bhagalpur News

सौजन्य से:- bhaskar.com

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मातृभाषा में स्कूली पाठ्यक्रम तैयार करने की दिशा में शिक्षा विभाग ने कदम बढ़ाया

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रंजन कुमार ठाकुर| भागलपुर

मातृभाषा में स्कूली पाठ्यक्रम तैयार करने की दिशा में शिक्षा विभाग ने पहला कदम बढ़ा दिया है। अलग-अलग क्षेत्रों में बच्चे घर में अंगिका, मैथिली, मगही, भोजपुरी, बज्जिका समेत दूसरी स्थानीय बोलियां सुनते-बोलते हैं।

स्कूल में उन्हें मुख्य रूप से हिंदी और अंग्रेजी में पढ़ना होता है। ऐसे में बच्चे किसी शब्द का उच्चारण कैसे करते हैं, पाठ पढ़ते समय कहां रुकते हैं और कितने प्रवाह के साथ पढ़ते हैं, इसका क्षेत्रवार ऑडियो डेटा तैयार होने से इस अंतर को समझने में मदद मिलेगी। इसके जरिए उच्चारण, पढ़ने के प्रवाह और क्षेत्रीय भाषाई प्रभाव को एक साथ समझने का आधार तैयार होगा। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने बिहार के सभी 534 प्रखंडों से एक-एक स्कूल का चयन कर कुल 534 स्कूलों का डेटाबेस तैयार करने की योजना बनाई है। निदेशक कुमार निशांत विवेक ने इस आशय का निर्देश राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को दिया था।

जिले के 16 प्रखंडों के एक-एक सरकारी अपर प्राइमरी स्कूल समेत नगर निगम के एक स्कूल में बच्चों की पढ़ने की आवाज अध्ययन का आधार बनेगा। बच्चों को हिंदी और अंग्रेजी का पाठ पढ़वाकर उनकी ओरल रीडिंग फ्लुएंसी (ओआरएफ) से जुड़ा ऑडियो डेटा तैयार होगा। इसका उद्देश्य यह समझना है कि अलग-अलग क्षेत्रों में बच्चों के पढ़ने के प्रवाह, उच्चारण और पठन क्षमता में किस तरह का अंतर है और घर में बोली जाने वाली क्षेत्रीय भाषा का इसका क्या संबंध है। बच्चों से निर्धारित हिंदी और अंग्रेजी पाठ पढ़वाकर उनकी आवाज रिकॉर्ड की जाएगी। ऑडियो के अध्ययन में मुख्य रूप से यह देखा जाएगा कि बच्चा शब्दों का उच्चारण किस तरह करता है, पढ़ते समय कितनी बार रुकता है, शब्द छोड़ता या बदलता है या नहीं और लगातार कितने प्रवाह के साथ पढ़ पाता है।

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