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SPECIAL: झारखंड में शिक्षा का हाल, शिक्षकों के 50 हजार पद सृजित, फिर भी भारी टोटा, 7,500 स्कूलों में सिर्फ एक टीचर

SPECIAL: झारखंड में शिक्षा का हाल, शिक्षकों के 50 हजार पद सृजित, फिर भी भारी टोटा, 7,500 स्कूलों में सिर्फ एक टीचर झारखंड में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी रफ्तार से आगे नहीं बढ़ पा रही है. राजेश कुमार सिंह की रिपो…

8 सितंबर 2026 को 12:29 pm बजे
SPECIAL: झारखंड में शिक्षा का हाल, शिक्षकों के 50 हजार पद सृजित, फिर भी भारी टोटा, 7,500 स्कूलों में सिर्फ एक टीचर

सौजन्य से:- ETV Bharat

SPECIAL: झारखंड में शिक्षा का हाल, शिक्षकों के 50 हजार पद सृजित, फिर भी भारी टोटा, 7,500 स्कूलों में सिर्फ एक टीचर

झारखंड में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी रफ्तार से आगे नहीं बढ़ पा रही है. राजेश कुमार सिंह की रिपोर्ट.

Published : September 8, 2026 at 5:36 PM IST

रांची: झारखंड की सरकारी स्कूली शिक्षा व्यवस्था के सामने शिक्षकों की कमी एक बड़ी चुनौती बनकर ऊभरी है. राज्य में करीब 7,500 स्कूल ऐसे हैं, जो सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं. वही प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के लिए सहायक आचार्यों के कुल 50 हजार पद सृजित होने के बावजूद सभी पदों पर नियुक्ति नहीं हो सकी है.

सरकार के अपने आंकड़े ही बताते हैं कि एक तरफ बड़ी संख्या में स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं, वहीं दूसरी तरफ शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी पूरी रफ्तार से आगे नहीं बढ़ पा रही है. ऐसे में सवाल सिर्फ रिक्त पदों का नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया की गति और उसकी प्रभावशीलता का भी है.

50 हजार पद सृजित, लेकिन नियुक्ति अधूरी

प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के मुताबिक, राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक के लिए इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्य के 20,825 पद सृजित हैं. वही मध्य विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक के लिए स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य के 29,175 पद सृजित किए गए हैं. इस तरह दोनों श्रेणियों को मिलाकर सहायक आचार्यों के कुल 50 हजार पद सृजित हैं. इनमें से झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के विज्ञापन संख्या 13/2023 के तहत 26,001 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गई. शिक्षा विभाग के अनुसार, अब तक 10,211 सहायक आचार्यों की नियुक्ति हो चुकी है.

इसके बाद भी रिक्तियां बनी हुई हैं. जेएसएससी के पत्रांक 2120, दिनांक 12 जून 2026 के माध्यम से सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के तहत चयन के बाद बची रिक्तियों की जानकारी उपलब्ध कराई गई. इसके आधार पर पारा कोटि में 7,304 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया है.

26 हजार पदों की भर्ती फिर भी पद खाली

सहायक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया के आंकड़े एक और महत्वपूर्ण तस्वीर सामने रखते हैं. करीब 26 हजार पदों के लिए शुरू की गई भर्ती में लगभग आधे पद पारा शिक्षकों और आधे गैर-पारा अभ्यर्थियों के लिए रखे गए थे. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, परीक्षा में करीब 11,300 अभ्यर्थी सफल हुए. इनमें 7,301 पारा शिक्षक और 3,999 गैर-पारा अभ्यर्थी शामिल बताए गए हैं यानी अपेक्षित संख्या में सफल अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं हो सके हैं.

शायद यही कारण है कि पारा कोटि में बचे 7,304 पदों को भरने के लिए दोबारा विज्ञापन जारी करना पड़ा है. यह स्थिति शिक्षक नियुक्ति की पात्रता, परीक्षा व्यवस्था और योग्य अभ्यर्थियों की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े करती है. वही सहायक आचार्य नियुक्ति का मामला फिलहाल हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है.

शिक्षक पात्रता परीक्षा भी लंबे समय से अटकी

झारखंड में शिक्षक बनने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी JTET पास करना जरूरी है. लेकिन राज्य में 2016 के बाद से अब तक JTET का आयोजन नहीं हुआ है. इस बीच एक सकारात्मक पहल यह है कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल यानी JAC ने अक्टूबर में परीक्षा से लेकर रिजल्ट जारी करने की तैयारी का ब्यौरा स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को भेजा है. हालांकि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा हर साल आयोजित की जानी चाहिए.

शिक्षक संघ ने सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

झारखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव गंगा प्रसाद यादव का कहना है कि राज्य में करीब 7,500 प्राथमिक स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं. उनका कहना है कि माध्यमिक और प्लस टू स्कूलों में भी शिक्षकों की कमी की स्थिति चिंताजनक है.

गंगा प्रसाद यादव के मुताबिक, सरकार एक स्कूल से शिक्षक हटाकर दूसरे स्कूल की कमी पूरी करने की कोशिश कर रही है. शहरी स्कूलों की व्यवस्था दुरुस्त करने के नाम पर ग्रामीण क्षेत्रों से शिक्षकों को लाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है. उन्होंने सरकार से बिना देर किए शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग की.

उनका कहना है कि शिक्षकों की कमी का असर सीधे बच्चों की पढ़ाई और परीक्षा परिणाम पर पड़ता है. 10वीं के रिजल्ट के खराब होने पर शिक्षकों पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी सरकार की है. गंगा प्रसाद यादव ने डिपुटेशन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि डिपुटेशन के नाम पर विभाग में बैठे कुछ लोग पैसे की उगाही कर रहे हैं.

शिक्षकों की कमी पर सरकार गंभीर- JEPC

वहीं झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर शशि रंजन का कहना है कि शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार गंभीर है. उन्होंने कहा कि इस दिशा में लगातार पहल की जा रही है. JTET परीक्षा आयोजित करने की भी तैयारी चल रही है. उनके मुताबिक यह एक सतत प्रक्रिया का हिस्सा है और आने वाले समय में शिक्षकों की कमी से जुड़ी समस्याएं दूर हो जाएंगी.

बिहार में 75 हजार शिक्षकों का तबादला

पड़ोसी राज्य बिहार में स्कूली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है. बिहार में 75 हजार शिक्षकों को एक साथ उनके गृह जिले में ट्रांसफर किया गया है. इसके पीछे जवाबदेही सुनिश्चित करने और शिक्षकों को उनके स्थानीय क्षेत्र से जोड़ने की कवायद बताई जा रही है. ऐसे में झारखंड के सामने भी सवाल है कि क्या शिक्षकों की उपलब्धता और उनकी तैनाती को लेकर कोई प्रभावी मॉडल तैयार किया जा सकता है, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के स्कूलों में संतुलित तरीके से शिक्षक उपलब्ध हो सके.

भर्ती परीक्षाओं के विवाद ने बढ़ाई चुनौती

झारखंड में शिक्षकों की कमी का मुद्दा ऐसे समय सामने आया है, जब राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं. पिछले दिनों JPSC और JSSC से जुड़ी अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों ने करीब 26 दिनों तक आंदोलन किया. इसके बाद राज्य सरकार ने 22 परीक्षा परिणाम रद्द करने और 23 परीक्षाओं की CID जांच कराने का निर्णय लिया. सरकार के इन फैसलों को लेकर विवाद हुआ और मामला हाईकोर्ट पहुंचा.

अब तक राज्य सरकार की ओर से रद्द किए गए चार नियुक्ति परीक्षा परिणामों पर हाईकोर्ट रोक लगा चुका है. ऐसे में स्थिति यह है कि एक तरफ सरकारी स्कूलों में हजारों पद खाली हैं, दूसरी तरफ नियुक्ति परीक्षाओं और परिणामों से जुड़े विवाद भी सामने आ रहे हैं. इसका सीधा असर नियुक्ति प्रक्रिया की गति पर पड़ रहा है.

ये भी पढ़ें- झारखंड में 80 हजार से अधिक सरकारी शिक्षकों का वेतन दो माह से लंबित, शिक्षक संघ ने दिया एक सप्ताह का अल्टीमेटम

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