इस यूनिवर्सिटी के कैंपस में रील-वीडियो बनाने पर बैन, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
इस यूनिवर्सिटी के कैंपस में रील-वीडियो बनाने पर बैन, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई रील और वीडियो बनाने के शौकीन छात्रों के लिए विश्वविद्यालय में नए नियम लागू किए गए हैं। कैंपस में अब बिना अनुमति रील या वीडियो शूट कर उसे स…

सौजन्य से:- Hindustan
इस यूनिवर्सिटी के कैंपस में रील-वीडियो बनाने पर बैन, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
रील और वीडियो बनाने के शौकीन छात्रों के लिए विश्वविद्यालय में नए नियम लागू किए गए हैं। कैंपस में अब बिना अनुमति रील या वीडियो शूट कर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने पर रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों के खिलाफ चेतावनी से लेकर निष्कासन तक की कार्रवाई की जा सकती है।
UP News: रील और वीडियो बनाने के शौकीन छात्र-छात्राओं को यूपी के एक यूनिवर्सिटी ने बड़ा झटका दिया है। यहां के कैंपस में बिना परमिशन के वीडियो शूट करने पर रोक लगा दी गई है। वहीं, नियमों का उल्लघंन होने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन कार्रवाई करेगा। वहीं, इस नियम के बाद से बच्चे हैरान हैं। वहीं, इस फैसले की वजह से यूनिवर्सिटी सुर्खियों में आ गई है।
यह यूनिवर्सिटी दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर है। जहां कैंपस में अनुशासन बनाए रखने के लिए छात्रों के लिए नए नियम तैयार किए हैं। इसमें सामान्य अनुशासन से लेकर गंभीर अपराधों तक के लिए अलग-अलग कार्रवाई की बात कही गई है। नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ अपराध की प्रकृति और गंभीरता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय परिसर या विभागों में बिना अनुमति रील बनाने और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने पर रोक लगा दी गई है। ऐसा न करने पर विवि सख्त कार्रवाई करेगा।
अतिरिक्त नियंता डॉक्ट वेद प्रकाश राय ने बताया कि विश्वविद्यालय की कक्षा, गलियारे या बरामदे में पान खाना, थूकना और धूम्रपान करना प्रतिबंधित है। परिसर की दीवारों पर पोस्टर या विज्ञापन चिपकाने और विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को भी अनुशासनहीनता माना जाएगा। इसके अलावा बिना अनुमति बाहरी विद्यार्थियों को परिसर में प्रवेश दिलाना, तेज गति से वाहन चलाना, शोर मचाना या दूसरे विद्यार्थियों की सुरक्षा को खतरे में डालना दंडनीय अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया है। छात्राओं के कॉमन रूम के सामने या आने-जाने वाले रास्तों में अनावश्यक रूप से खड़े रहना और आपत्तिजनक व्यवहार करना भी नियमों के दायरे में रखा गया है।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभद्र या उद्दंड व्यवहार, विद्यार्थियों के बीच दुर्व्यवहार, कक्षाओं और प्रयोगशालाओं के कार्य में बाधा डालना, मारपीट और रैगिंग को अपराध माना गया है। परिसर में अनुशासन कार्यालय की पूर्व अनुमति के बिना किसी कार्यक्रम के आयोजन पर रोक लगाई गई है।
दारुल उलूम में मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक
तकरीबन साल भर पहले दारुल उलूम देवबंद प्रशासन ने विद्यार्थियों के स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर रोक लगाने का एक नोटिस भी जारी किया गया था। जिसमें छात्रों को सख्त हिदायत दी गई थी कि अगर कोई स्मार्टफोन इस्तेमाल करते पकड़ा जाता है तो ऐसे में उसका मोबाइल जब्त कर लिया जाएगा। इस फैसले पर देवबंदी विद्वान मौलाना कारी इसहाक गोरा ने बताया था कि इसका उद्देश्य छात्रों को किताबों से जोड़ना और उन्हें बाहरी डिस्ट्रेक्शन से बचाना है।
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